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अरुण जेटली ने कहा, कांग्रेस ने ‘आधार’ को लेकर अपना रुख बदल लिया है

अरुण जेटली ने कहा, कांग्रेस ने 'आधार' को लेकर अपना रुख बदल लिया है

जेटली ने कहा कि जब मौजूदा सरकार ने आधार को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया तो अब विपक्ष में बैठी संप्रग ने यह लगभग स्पष्ट कर दिया कि वे इसके विरोध में हैं.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में आधार को लेकर अलग अलग दृष्टिकोण थे और उसने विपक्ष में आने के बाद रवैया बदल दिया और संसद में आधार विधेयक के विरोध पर उतर आयी. उन्होंने कहा कि पिछली संप्रग सरकार ने आधार के बारे में जो पहला विधेयक तैयार किया था वह आवरणहीन था. जेटली ने शंकर अय्यर की पुस्तक ‘आधार: बायोमीट्रिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ज 12-डिजिट रिवॉल्यूशन’ के विमोचन के मौके पर शनिवार (23 दिसंबर) शाम यहां कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार आते ही भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के तत्कालीन अध्यक्ष नंदन निलेकणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने आधार को लेकर एक ’जानदार और समझाने वाली’ प्रस्तुति दी और प्रधानमंत्री ने उसपर आगे काम करने का निर्णय लिया.

उन्होंने कहा कि जब मौजूदा सरकार अधिनियम पर दोबारा काम कर रही थी जब उसके समाने यह एक बात स्पष्ट थी और कि इसके साथ निजता संबंधी प्रावधान होने ही चाहिए. वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘संप्रग सरकार में दो विचारधाराएं स्पष्ट थी. एक विचारधारा के लोग आधार को लेकर उत्साहित नहीं थे और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े .. ये तमाम मुद्दे उठाए जाते रहे. दूसरी विचारधारा के लोग परियोजना को आगे बढ़वाने में लगे थे. इसका परिणाम हुआ कि उस समय जो विधेयक तैयार हुआ वह आवरणहीन हो गया.’’

जेटली ने कहा कि जब मौजूदा सरकार ने आधार को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया तो अब विपक्ष में बैठी संप्रग ने यह लगभग स्पष्ट कर दिया कि वे इसके विरोध में हैं. उन्होंने कांग्रेस के इस रवैए पर कहा, ‘‘आप की सोच क्या है , यह एक तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि आप सदन में किस ओर बैठे हैं.’’ वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ‘आधार’ के तहत निजता के अधिकार की व्यवस्था को बेहतर बनाने के किसी भी सुझाव पर विचार करने को हमेशा तैयार रहेगी.

उन्होंने उम्मीद जतायी कि निजता के अधिकार का मुद्दा उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद निपट जाएगा. वित्तमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यदि कल आपके सामने ऐसी स्थिति हो जहां न्यायालय या किसी सार्वजनिक व्यक्ति या संसद ने प्रौद्योगिकी के विकास के साथ निजता के अधिकार की सुरक्षा को बेहतर बनाने का कोई तौर-तरीका सुझाता है तो यह कोई विपरीत बात बिलकुल नहीं होगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए किसी भी समय किसी भी सरकार को इसे (इस तह के सुझाव को) विपरीत बात के रूप में नहीं देखना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि आधार की अवधारणा विकसित हो रहा है और उनका मानना है कि आधार के बारे में अभी अंतिम रूप से कोई बात नहीं कही गयी है.

जेटली ने कहा कि सरकार आधार के साथ आगे भी हर ऐसे सुधार के लिए तैयार है जिससे यह मजबूत हो. उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा कि इस सरकार ने जो किया है वह पिछली सरकार द्वारा शुरू किये गये काम से एक बेहतर है.’’ लेकिन उन्होंने कहा कि (योजनाओं को) आधार को जोड़ने से सरकार को भारी बचत हुई है. उन्होंने कहा कि कितनी बचत हुई है उसका एक मोटा अनुमान है जो बढ़ रहा है और आगे बढ़ता रहेगा.

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