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4G ने बदल दी मोबाइल बाजार की दुनिया, अमेरिका को पछाड़ने को तैयार भारत

4G ने बदल दी मोबाइल बाजार की दुनिया, अमेरिका को पछाड़ने को तैयार भारत

आज देश में बिकने वाले लगभग 95 फीसद स्‍मार्टफोन 4जी हैं तो डेटा कार्ड या डोंगल बाजार में इसका हिस्‍सा 99 प्रतिशत है.

4जी, इस एक शब्‍द/प्रौद्योगिकी ने बीते साल में देश के मोबाइल, टैबलेट से लेकर डेटाकार्ड जैसे कंप्‍यूटिंग व टेलीफोनी से जुड़े उत्‍पादों के बाजार की दिशा व दशा बदल दी. आज देश में बिकने वाले लगभग 95 फीसद स्‍मार्टफोन 4जी हैं तो डेटा कार्ड या डोंगल बाजार में इसका हिस्‍सा 99 प्रतिशत है. कंपनियां भी स्‍वीकार करती हैं कि 4जी ने इस बाजार की चाल ढाल बदलकर रख दी और नये साल में इसका असर और व्‍यापक होगा और वह दिन दूर नहीं जब भारत 4जी स्मार्टफोन के लिहाज से अमेरिका को पछाड़ देगा.

भारत में 4जी के बढते इस्‍तेमाल के बीच पैनासोनिक ने 2जी/3जी मोबाइल बनाना बंद ही कर दिया है. पैनासोनिक इंडिया के व्‍यापार प्रमुख (मोबिलिटी) पंकज राणा ने ‘भाषा’ से कहा, ‘‘वास्‍तव में हम पूरी तरह से 4जी डिवाइस बनाने पर आ गए हैं. उन्‍होंने कहा कि भले ही संस्‍थापित क्षमता का आधा हिस्‍सा अब भी 2जी/3जी वाला हो लेकिन भारत में 4जी को तेजी से अपनाए जाने की उम्मीद है. राणा के कहा, ‘‘बीती तिमाही में स्‍मार्टफोन बिक्री में 95 प्रतिशत हिस्‍सा 4जी वाले हैंडसेट का रहा और भारत जल्‍द ही 4जी हैंडसेट के दूसरे सबसे बड़े बाजार के रूप में अमेरिका को पछाड़ देगा.’’ दूरसंचार सेवाओं की इस चौथी पीढ़ी की नयी प्रौद्योगिकी ने बीते एक साल में तो कमाल कर दिया. रिलायंस जियो की 4जी सेवाओं के बाद सभी बड़ी कंपनियां इन सेवाओं पर ध्यान दे रही हैं. डेटा ही नहीं ऐसी प्रौद्योगिकी वाले डिवाइस भी सस्ते हुए हैं.

सस्‍ते ‘आकाश’ टैबलेट के जरिए इस बाजार में नयी लहर लाने वाले कंपनी डेटाविंड के सीईओ सुनीत सिंह तुली मानते हैं कि भारत तीव्र प्रौद्योगिकी बदलावों के दौर से गुजर रहा है और 2018 में देश की एक बड़ी जनंसख्‍या द्वारा 4जी प्रौद्योगिकी को अपना लेगा. उन्होंने कहा-दूरसंचार कंपनियों की आकर्षक पेशकशों के साथ इंटरनेट डेटा की बढती खपत के बीच भारत निकट भविष्‍य में 4जी हैंडसेट का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा इसकी पूरी उम्‍मीद है.

शोध संस्‍थान सीएमआर की एक रपट के अनुसार इस साल की तीसरी तिमाही में कुल बिके स्‍मार्टफोन में 4जी प्रौद्योगिकी वाले हैंडसेट का हिस्‍सा 96% रहा. इस दौरान जहां 4जी स्‍मार्टफोन की बिक्री उठाव 37% बढ़ा वहीं 3जी स्‍मार्टफोन की बिक्री 27% घटी. घरेलू हैंडसेट विनिर्माता कोमियो इंडिया के सीईओ संजय कलीरोना के अनुसार एक साल में भारतीय ग्राहकों ने 4जी प्रौद्योगिकी को जिस तेजी से अपनाया है वैसा तो बीते कई साल में नहीं हुआ.

उन्‍होंने कहा, ‘‘इस दौरान इंटरनेट की खपत बढ़ी तो स्‍मार्टफोन की कीमतों में भी कमी आई और लोग सीधे ही 4जी स्‍मार्टफोन की मांग करने लगे भले ही वे खुद इस प्रौद्योगिकी का अभी इस्‍तेमाल नहीं करते हों.’’ कोमियो के मौजूदा चारों माडल 4जी/वोल्‍टी वाले हैं. सीएमआर की एक और रपट के अनुसार 2017 की तीसरी तिमाही में देश में बिके डेटा कार्ड डोंगल में 99% 4जी प्रौद्योगिकी वाले थे जबकि एक फीसद 3जी वाले.

इंटेक्‍स टेक्‍नोलाजीज की निदेशक निधि मार्कंडेय का कहना है कि 4जी/वोल्‍टी प्रौद्योगिकी के उदय ने निश्चित रूप से इस उद्योग के परिदृश्य को बदल दिया लेकिन अब भी भारत फीचर फोन से चलने वाला बाजार है जिसका हिस्‍सा 60% है. उन्‍होंने कहा, ‘‘ तेजी से बदलते बाजार में इंटेक्‍स ने अपने 3जी भंडारण को तेजी से खत्‍म किया और 4जी माडलों की संख्‍या बढ़ाई है. उन्‍होंने कहा कि केवल स्‍मार्टफोन खंड में 4जी का हिस्‍सा 90% है.’’ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि नये साल में भी 4जी प्रौद्योगिकी वाले स्‍मार्टफोन, टैबलेट की मांग बढ़ेगी.

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