गिरेगा शेयर बाजार या पकड़ेगा रफ्तार?, पिछले 4 बजट में कुछ ऐसा था मार्केट का हाल

गिरेगा शेयर बाजार या पकड़ेगा रफ्तार?, पिछले 4 बजट में कुछ ऐसा था मार्केट का हाल

अगर वित्त मंत्री ऐसा कोई ऐलान करते हैं तो बाजार औंधे मुहं गिरेगा. लेकिन, अगर सबकुछ ठीक रहता है तो बाजार में एक रैली देखने को मिल सकती है.

मंत्री अरुण जेटली संसद में अपना पांचवा बजट पेश करेंगे. सुबह 11 बजे जब भाषण शुरू होगा, तब हर किसी की निगाहें शेयर बाजार पर होंगी. क्योंकि, शेयर बाजार को जहां वित्तीय घाटे को लेकर चिंता कम हुई है वहीं, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को लेकर घबराया हुआ है. ऐसे में बाजार का रुख साफ है कि अगर वित्त मंत्री ऐसा कोई ऐलान करते हैं तो बाजार औंधे मुहं गिरेगा. लेकिन, अगर सबकुछ ठीक रहता है तो बाजार में एक रैली देखने को मिल सकती है.

पिछले 4 बजट भाषण के दौरान कैसा रहा बाजार
पिछले बजट (2017 के बजट भाषण) के बाद से अब तक सेंसेक्स ने 30 फीसदी का रिटर्न दे चुका है. लेकिन, इस बार बजट के इस हफ्ते में निवेशकों ने तेजी से शेयर बाजार से पैसा निकाला है. आंकड़ों पर नजर डालें तो बजट वाले दिन शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. मोदी सरकार के पिछले चार बजट में भाषण के दौरान दो बार तेजी रही. वहीं, दो बार शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इस बार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स पर बाजार की निगाहें होंगी.

बजट के दिन शेयर बाजार का प्रदर्शन

1. 10 जुलाई 2014- निफ्टी 252 अंक गिरकर 7567.75 पर बंद हुआ था.
2. 28 फरवरी 2015- निफ्टी 190 अंक बढ़कर 8902 पर बंद हुआ था.
3. 29 फरवरी 2016- निफ्टी 269 अंक गिरकर 6987 पर बंद हुआ था.
4. 1 फरवरी 2017- निफ्टी 155 अंक बढ़कर 8716 पर बंद हुआ था.

बजट के बाद शेयर बाजार का प्रदर्शन
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ पता चल रहा है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली के पिछले चार बजट में सिर्फ 2017 के बाद ही शेयर बाजार ने नई ऊंचाइयों को छुआ है.

तेजी की उम्मीद
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार के लिए वित्तीय घाटे की चिंता काफी कम हो गई है. बजट के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिलेगा. बजट को लेकर बाजार की नजर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के ऐलान को लेकर रहेगी. बजट भाषण के बाद बाजार में एक तेजी का दौर देखने को मिल सकता है. बजट में अगर किसी तरह की नेगेटिविटी नहीं आती है तो और भी तेजी देखने को मिल सकती है. बजट थीम को ध्यान में रखा जाए तो सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, हाउसिंग सेक्टर पर रह सकता है. सरकार इन सेक्टर पर निवेश कर सकती है.

कॉरपोरेट टैक्स पर भी उम्मीदें
एक्सपर्ट्स की मानें तो कॉरपोरेट टैक्स में कटौती और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स पर शेयर बाजार की नजर रहेगी. कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की उम्मीद कम है. लेकिन अगर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को एक साल से बढ़ाकर 3 साल कर दिया जाता है, तो ये मार्केट के लिए बहुत ज्यादा निगेटिव साबित होगा. हालांकि, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाने के बाद अगर सरकार शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स को हटा दें तो यह मार्केट के लिए पॉजिटिव रहेगा.

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